Written By
Suman Yadav
स्टांप ड्यूटी की गणना के लिए सबसे पहले आपको जमीन का सर्किल रेट और क्षेत्रफल पता होना चाहिए। इसके बाद क्षेत्रफल को सर्किल रेट से गुणा करें और सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिशत निकालें। यह स्टांप ड्यूटी का सटीक खर्च बताएगा।
रजिस्ट्रेशन शुल्क निकालना काफी आसान है। यह जमीन के कुल मूल्य का 1% होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि जमीन की कीमत 10 लाख रुपये है, तो रजिस्ट्रेशन शुल्क 10,000 रुपये होगा।
हर राज्य में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की दरें अलग-अलग होती हैं। इन दरों को जानने के लिए आप ऑनलाइन माध्यम का उपयोग कर सकते हैं और राज्यवार नियमों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
महिलाओं को जमीन की रजिस्ट्री में विशेष छूट मिलती है, जो उन्हें सस्ती रजिस्ट्री का लाभ देती है। इसके अलावा, पहली बार जमीन खरीदने वालों और किसानों के लिए भी सरकार की तरफ से विशेष लाभ दिए जाते हैं।
रजिस्ट्री के लिए जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार कर लें। इनमें बिक्री समझौता, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक स्टेटमेंट शामिल हैं। दस्तावेज तैयार रखने से प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।